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सितंबर खत्म भी नहीं हुआ और मनाली में पहुंच गए इतने लाख वाहन, आखिर क्या बदल गया?

➤ सितंबर तक 3.25 लाख पर्यटक वाहन मनाली पहुंचे

➤ नए पर्यटन स्थलों से बढ़ा पर्यटकों का ठहराव

➤ 2025 के पूरे साल से 55 हजार अधिक वाहन पहुंचे


मनाली। कभी गर्मियों की छुट्टियों और सर्दियों की बर्फबारी के मौसम तक सीमित माना जाने वाला मनाली का पर्यटन कारोबार अब सालभर की गतिविधियों की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। पर्यटन सीजन की पारंपरिक सीमाएं टूट रही हैं और वीकेंड पर भी मनाली में पर्यटकों की अच्छी आमद बनी हुई है। इसका असर ग्रीन टैक्स बैरियर पर दर्ज होने वाले पर्यटक वाहनों के आंकड़ों में भी साफ नजर आ रहा है। सितंबर 2026 तक करीब 3.25 लाख पर्यटक वाहन मनाली पहुंच चुके हैं, जबकि वर्ष 2025 में पूरे साल यह संख्या करीब 2.70 लाख रही थी। यानी इस साल सितंबर तक ही पिछले पूरे साल की तुलना में करीब 55 हजार अधिक पर्यटक वाहन मनाली पहुंच चुके हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि मनाली में पर्यटन की गतिविधियां अब केवल किसी एक मौसम पर निर्भर नहीं रह गई हैं।

मनाली के पर्यटन क्षेत्र में आए इस बदलाव के पीछे नए पर्यटन स्थलों का विकास और पर्यटकों के बढ़ते विकल्प अहम भूमिका निभा रहे हैं। पहले बड़ी संख्या में पर्यटकों का ध्यान मुख्य रूप से मनाली शहर और रोहतांग दर्रा जैसे प्रमुख स्थलों पर केंद्रित रहता था। अब पर्यटक अपनी यात्रा को आसपास के दूसरे क्षेत्रों तक भी विस्तार दे रहे हैं। हामटा पास, सोलंगनाला, अटल टनल और लाहौल घाटी पर्यटकों के पसंदीदा विकल्पों में शामिल होते जा रहे हैं। इन स्थानों तक पहुंच आसान होने और प्राकृतिक पर्यटन के विकल्प बढ़ने से मनाली आने वाले पर्यटक आसपास के क्षेत्रों में भी घूम रहे हैं।

लाहौल घाटी में ग्राफू, कोकसर और सिस्सू जैसे पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता भी बढ़ी है। मनाली पहुंचने वाले पर्यटक इन क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं, जिससे केवल पर्यटकों की संख्या ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में उनके ठहराव की अवधि बढ़ने की संभावना भी बनी है। पर्यटक जब एक से अधिक स्थानों को अपनी यात्रा में शामिल करते हैं तो इसका असर होटल और होमस्टे से लेकर टैक्सी, रेस्टोरेंट और दूसरे स्थानीय पर्यटन कारोबार पर दिखाई देता है। इससे पर्यटन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों के लिए कारोबार के अवसर भी बढ़ते हैं।

रोहतांग के साथ नए पर्यटन विकल्पों पर जोर

मनाली का पर्यटन लंबे समय तक रोहतांग दर्रा के आकर्षण से भी गहराई से जुड़ा रहा है। हालांकि वहां वाहनों की संख्या सीमित रहने के कारण पर्यटकों को अब दूसरे ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर भी जाने का विकल्प मिल रहा है। इससे ऐसे पर्यटन स्थलों को विकसित होने का अवसर मिला है, जो पहले अपेक्षाकृत कम चर्चा में रहते थे।

शिंकुला और बारालाचा भी नए पर्यटन विकल्पों के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। गर्मियों के मौसम में जहां पर्यटक ऊंचाई वाले क्षेत्रों और प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेने के लिए इन क्षेत्रों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, वहीं सर्दियों में बर्फबारी देखने की इच्छा रखने वाले पर्यटकों की दिलचस्पी भी इन गंतव्यों में बनी रहती है। इस तरह मनाली और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन के विकल्प बढ़ने से पर्यटकों की यात्रा का दायरा भी विस्तृत हो रहा है।

ग्रीन टैक्स के आंकड़ों में दिखा बदलाव

मनाली के ग्रीन टैक्स बैरियर से उपलब्ध आंकड़े भी पिछले कुछ वर्षों में पर्यटकों की आवाजाही में आए बदलाव को सामने रखते हैं। वर्ष 2023 में 3,45,704 पर्यटक वाहन मनाली पहुंचे थे। वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 3,65,617 हो गई थी। इससे पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी का संकेत मिला था।

हालांकि वर्ष 2025 में आपदा के कारण पर्यटन गतिविधियों पर असर पड़ा। इसके चलते पर्यटक वाहनों की संख्या घटकर करीब 2.70 लाख रह गई। इसके बाद वर्ष 2026 में तस्वीर फिर बदलती नजर आ रही है। सितंबर तक ही करीब 3.25 लाख पर्यटक वाहन मनाली पहुंच चुके हैं। खास बात यह है कि यह आंकड़ा पिछले पूरे वर्ष की तुलना में करीब 55 हजार अधिक है।

यदि वर्ष के बाकी महीनों में भी पर्यटकों की आवाजाही इसी तरह बनी रहती है तो दिसंबर तक पर्यटक वाहनों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। सर्दियों में बर्फबारी और पहाड़ी पर्यटन को लेकर पर्यटकों की दिलचस्पी मनाली की सालभर चलने वाली पर्यटन गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

सालभर पर्यटन की ओर बढ़ता मनाली

मनाली के पर्यटन कारोबार में हो रहा यह बदलाव केवल पर्यटकों की संख्या तक सीमित नहीं है। नए गंतव्यों के जुड़ने से पर्यटकों के लिए यात्रा के विकल्प बढ़ रहे हैं, वहीं स्थानीय कारोबारियों को भी साल के अलग-अलग महीनों में काम मिलने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। वीकेंड पर पर्यटकों की मौजूदगी इस बदलाव का एक और संकेत है।

पहले पर्यटन कारोबार के लिए गर्मियों की छुट्टियां और सर्दियों की बर्फबारी सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती थीं। अब पर्यटक साल के अलग-अलग समय में मनाली और आसपास के क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं। ऐसे में मनाली का पर्यटन मॉडल धीरे-धीरे सीजन आधारित कारोबार से सालभर चलने वाली गतिविधि की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

आने वाले समय में यदि नए पर्यटन स्थलों को सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जाता है तो पर्यटकों के लिए विकल्प और बढ़ सकते हैं। फिलहाल सितंबर 2026 तक ग्रीन टैक्स बैरियर के आंकड़े मनाली में पर्यटन वाहनों की बढ़ती आवाजाही की स्पष्ट तस्वीर पेश कर रहे हैं।